निगाही परियोजना में करोड़ों की P&H शॉवेल पानी में जलमग्न,
बताया जा रहा है कि खदानों में मानसून के दौरान पानी निकासी और मशीनों की सुरक्षा के लिए पहले से व्यापक तैयारियां की जाती हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि यदि फेस में भारी मात्रा में पानी जमा हो गया और करोड़ों की मशीन उसकी चपेट में आ गई, तो मानसून से पहले किए गए इंतजामों की निगरानी आखिर किस स्तर पर हुई?
हर साल मानसून तैयारी के नाम पर करोड़ों के खर्च की चर्चा, फिर पानी में क्यों डूबी मशीन?